Monday, January 7, 2019

चीन, एप्पल और ट्रंप: सात ताक़तें जो बदल देंगी दुनिया

दुनिया में हो रहे बदलावों का अध्ययन करने वाले लेखक जेफ़ देजाख़्दा मानते हैं कि 90 के दशक में सामने आई इंटरनेट तकनीक वो आख़िरी चीज़ थी जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था और इंसानी दुनिया को बदलकर रख दिया.

देजाख़्दा इस समय एक नई किताब 'विज़ुअलाइज़िंग चेंज - अ डेटा ड्रिवेन स्नैपशॉट ऑफ़ आवर वर्ल्ड' का संपादन कर रहे हैं. ये किताब दुनिया में हो रहे दीर्घकालिक बदलावों पर नज़र डालती है.

देजाख़्दा कहते हैं कि इंटरनेट ने दुनिया को उस तरह बदलकर रख दिया है जिस तरह 15वीं शताब्दी में निकोलस कोपरनिकस के ब्रह्मांड मॉडल ने दुनिया पर असर डाला था.

कोपरनिकस के इस मॉडल में ब्रह्मांड से जुड़ी उस सोच को चुनौती दी गई थी जिसके तहत ये माना जाता था कि पृथ्वी ब्रह्मांड के केंद्र में स्थित है.

लेकिन व्यापारिक मॉडलों, उपभोक्ताओं की मानसिकता में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय राजनीति जैसे तत्व भी कई अहम बदलाव ला सकते हैं.

देजाख़्दा कहते हैं, "दुनिया बदलने वाली बयार किसी भी दिशा से आ सकती है और इसमें कोई शक नहीं है कि कल आने वाला तूफ़ान आज किसी न किसी रूप में कहीं न कहीं जन्म ले रहा है."

देजाख़्दा और उनकी टीम के मुताबिक़, ये सात ताक़तें आने वाले दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था का चेहरा बदल सकती हैं.

कई दशकों तक दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियों ने औद्योगिक स्तर पर उत्पादन करने से लेकर प्राकृतिक संसाधनों को हासिल करने की दिशा में काम किया.

अमरीकी कार निर्माता कंपनी फोर्ड, जनरल इलेक्ट्रिक और तेल क्षेत्र की कंपनी एक्सॉन ऐसी ही कुछ कंपनियों में शामिल हैं.

इसके बाद आर्थिक सेवाएं और टेलिकॉम क्षेत्र की कंपनियों का नंबर आया.

लेकिन अब सूचना क्रांति का दौर है. और दुनिया के शेयर बाज़ारों में सबसे ज़्यादा अहम कंपनियां तकनीक क्षेत्र की कंपनियां ही हैं.

साल 2018 की पहली तिमाही में एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ़्ट और टेनसेंट सबसे प्रभावशाली कंपनियां बनी रहीं. लेकिन पांच साल पहले पांच सबसे अहम कंपनियों की लिस्ट में केवल एप्पल ही शामिल थी.

चीन की आर्थिक अहमियत को लेकर पहले भी बात हो चुकी है. लेकिन देजाख़्दा चीन की आर्थिक और तकनीकी विकास की ओर ध्यान खींचना चाहते हैं.

चीन के कुछ शहरों का आर्थिक उत्पादन इतना ज़्यादा है कि वह कई देशों के आर्थिक उत्पादन पर भारी पड़ता है.

इस समय चीन में 100 से ज़्यादा शहरों में दस लाख से अधिक आबादी रहती है.

चीन की येंगत्सी नदी के किनारे बसे शहर शंघाई, सूजो, खांग्जो, वूशी, नेनटॉन्ग, नेनजिंग, चांगजो इसी विकास का उदाहरण हैं.

इन शहरों का भौतिक विकास इनके आर्थिक विकास के साथ समान रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है.

ये माना जाता है कि साल 2030 तक चीन अमरीका को पछाड़कर दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी.

आने वाले कुछ दशकों में शहरी आबादी में तेज़ी से होती बढ़त वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदलकर रख देगी.

सयुंक्त राष्ट्र संघ के अनुसार, चीन और कई पश्चिमी देशों में जन्म दर में एक स्थिरता नज़र आएगी. वहीं, अफ़्रीकी और दूसरे एशियाई देशों में आबादी में बढ़ोतरी के साथ-साथ तेज़ी से शहरीकरण होता हुआ दिखेगा.

इससे ऐसे कई शहर अस्तित्व में आएंगे जहां रहने वालों की संख्या एक करोड़ से ज़्यादा होगी. यूएन के मुताबिक़, पिछले साल ऐसे शहरों की संख्या 47 थी.

अनुमान के मुताबिक़, इस सदी के अंत तक अफ़्रीका में 13 ऐसे शहर अस्तित्व में आएंगे जो कि न्यू यॉर्क सिटी से भी बड़े होंगे.

Sunday, December 30, 2018

कश्मीरः हिंसा, हत्या, रेप, राजनीति- कैसे बीता 2018?

चरमपंथ से जुड़ी 587 घटनाएं, सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में 250 चरमपंथियों की मौत. इनके अलावा मरने वालों में 52 आम नागरिक और 86 सुरक्षाबल.

गृह मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक़ साल 2018 कुछ ऐसा रहा जम्मू और कश्मीर के लिए. ये आंकड़े दो दिसंबर, साल 2018 तक के हैं.

हालांकि स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस साल जम्मू कश्मीर में इससे कहीं ज़्यादा लोग हताहत हुए हैं.

चरमपंथी हिंसा के लिहाज़ से 2018 जम्मू और कश्मीर के लिए न सिर्फ़ उथल-पुथल भरा रहा बल्कि सियासी मोर्चे पर भी ये सूबा राजनीतिक स्थिरता की तलाश करता रहा.

कश्मीर की हलचल पर नज़र रखने वाले विश्लेषकों की राय में बीते एक दशक में इस साल घाटी ने सबसे ज़्यादा हिंसक घटनाएं देखीं.

राजनीतिक उथलपुथल, चरमपंथ से जुड़ी परिस्थितियों में भड़की हिंसा के अलावा कठुआ रेप, वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुख़ारी की हत्या जैसी घटनाओं ने भी जम्मू और कश्मीर में माहौल को अशांत किया.

साल 2018 की शुरुआत में ही जनवरी में जम्मू के कुठआ में बकरवाल समुदाय की एक आठ साल की बच्ची को अगवा कर गैंग रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई. इस घटना को लेकर जम्मू और कश्मीर में हालात कई दिनों तक तनावपूर्ण रहे.

राज्य विधानसभा से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया तक इस मामले की गूंज सुनी गई. इस घटना ने सांप्रदायिक रंग ले लिया. कई दिनों तक कश्मीर में बच्ची को इंसाफ़ दिलाने के लिए प्रदर्शन होते रहे.

जबकि जम्मू में अभियुक्तों के समर्थन में हिंदू एकता मंच के साथ मिलकर बीजेपी के नेताओं ने रैली निकाली थी.

अभियुक्तों के समर्थन में रैली निकालने के बाद और रैली में बीजेपी के नेताओं के शामिल होने पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के दबाव की वजह से दो मंत्रियों को पद छोड़ना पड़ा.

हिंदू एकता मंच और बीजेपी के नेता घटना की सीबीआई जाँच की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए.

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जाँच की मांग ख़ारिज करते हुए केस की सुनवाई राज्य से बाहर पंजाब शिफ्ट कर दी , जहां 31 मई 2018 से केस का ट्रायल चल रहा है.

इस साल जून में वरिष्ठ पत्रकार और राइज़िंग कश्मीर नाम के अख़बार के संपादक शुजात बुखारी की श्रीनगर में अनजान बंदूक धारियों ने गोली मार कर हत्या कर दी.

पुलिस ने इस हत्या लिए चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा को ज़िम्मेदार ठहराया.

बाद में पुलिस ने दावा किया कि शुजात की हत्या के दो अभियुक्तों को मुठभेड़ में मार दिया गया है.

Wednesday, December 26, 2018

फिदायीन हमलों की तैयारी में था आईएस से प्रेरित आतंकी संगठन; रॉकेट लॉन्चर, विस्फोटक बरामद

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को उत्तरप्रदेश और दिल्ली में 17 जगहों पर छापे मारे। करीब पांच महीने पहले आईएसआईएस से प्रेरित होकर बने आतंकी संगठन हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। संगठन से जुड़े 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। 16 अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। यह संगठन उत्तर भारत में भीड़-भाड़ वाले इलाकों में फिदायीन हमलों की साजिश रच रहा था। दिल्ली का आरएसएस मुख्यालय, दिल्ली पुलिस मुख्यालय, कई नेता और प्रमुख हस्तियां उसके निशाने पर थीं। संदिग्धों के पास से एक रॉकेट लॉन्चर, 12 पिस्तौल और 25 किलाेग्राम विस्फोटक बरामद किया गया है।

20 से 30 साल उम्र के हैं संदिग्ध
एनआईए ने छापे की कार्रवाई दिल्ली के जाफराबाद और उस्मानपुर व उत्तर प्रदेश के लखनऊ, अमरोहा, हापुड़ और सिंभावली में की। जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सभी 10 संदिग्ध 20 से 30 साल उम्र के हैं। ये सभी मध्यमवर्गीय परिवार के हैं। एनआईए के आईजी आलोक मित्तल के मुताबिक- मॉड्यूल का सरगना मुफ्ती सोहैल दिल्ली में रहता था। मूल रूप से वह अमरोहा का रहने वाला था और मस्जिद से गतिविधियां चलाता था।

पाइप बम बनाने की तैयारी थी, रॉकेट लॉन्चर-विस्फोटक बरामद
संदिग्धों के पास से 12 पिस्टल रिकवर हुई हैं। इनके पास से पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर, शुगर पेस्ट समेत 25 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और बड़ी संख्या में पाइप मिले हैं। इनकी पाइप बम बनाने की साजिश थी। एक रॉकेट लॉन्चर भी बरामद हुआ है।

घर का सोना बेचकर उपकरण-विस्फाेटक खरीदे
एनआईए के आईजी मित्तल ने बताया कि आतंकी संगठन से जुड़े संदिग्ध सेल्फ फंडिंग करते थे। कुछ लोगों ने घर का सोना चोरी करके बेचा। इसी से बम बनाने के उपकरण और विस्फोटक खरीदे गए। इनकी जल्द ही धमाके करने की साजिश थी।

मूसा की तलाश करते-करते गिरफ्त में आए नए संगठन के सदस्य
दरअसल, कश्मीर के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी जाकिर मूसा की उत्तर प्रदेश के अमरोहा में मौजूदगी के इंटेलिजेंस इनपुट थे। इस वजह से सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर थीं। इसी के साथ अमरोहा के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों द्वारा एक आतंकी को पिस्तौल बेचे जाने के मामले की भी तीन महीने से जांच की जा रही थी। इस मामले में पुख्ता इनपुट मिलने के बाद एनआईए ने 17 जगहों पर छापे मारे।

100 मोबाइल फोन, 120 अलार्म घड़ियां भी मिलीं
संदिग्धों के पास से 7.5 लाख रुपए कैश, 100 मोबाइल फोन, 135 सिमकार्ड्स, लैपटॉप और मेमोरी कार्ड्स जब्त किए गए हैं। 120 अलार्म घड़ियां भी बरामद की गई हैं।

Monday, December 17, 2018

क्या अनुष्का शेट्टी को डेट कर रहे हैं प्रभास? करण जौहर के शो में तोड़ी चुप्पी

कॉफी विद करण के अपकमिंग एपिसोड में बाहुबली की टीम नजर आएगी. करण जौहर के शो में प्रभास, राणा दग्गुबाती और एस एस राजमौली तीखे सवालों का जवाब देंगे. स्टार वर्ल्ड पर शो के दो प्रोमो जारी किए गए हैं. जिसमें बाहुबली स्टार प्रभास अपनी निजी जिंदगी से जुड़े सवालों का बेबाकी से जवाब देते नजर आ रहे हैं.

रैपिड फायर राउंड में करण जौहर ने प्रभास-राणा से पूछा कि क्या आप सिंगल हैं? दोनों ने हां जवाब दिया. अगले सवाल में जब करण ने पूछा- क्या आपने काउच पर झूठ बोला है? प्रभास ने तुरंत हां कहा.

प्रभास के रिलेशनशिप स्टेट्स पर गोलमाल जवाब ने एक्टर के फैंस को फिर से असमंजस में डाल दिया है. बता दें, फिल्म बाहुबली में साथ आने के बाद से प्रभास और अनुष्का शेट्टी का रिलेशन चर्चा में है. दोनों के डेटिंग की खबरें हैं. आए दिन उनके शादी करने की भी खबरें  गॉसिप गलियारों में बनी रहती हैं. हालांकि दोनों ने अपने रिश्ते को सिर्फ दोस्ती का नाम दिया है.

दूसरे वीडियो में करण जौहर ने पूछा- प्रभास क्या आप किसी को डेट कर रहे हैं? आपके अनुष्का को डेट करने की खबरें सही हैं या गलत? जवाब में बाहुबली एक्टर डेटिंग से इंकार करते हैं. फैंस को इस एपिसोड का बेसब्री से इंतजार है. ये पहली बार है जब साउथ फिल्मों के एक्टर्स करण जौहर के शो में शामिल हुए हैं.

जबकि शपथ ग्रहण में कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौडा, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, जेएमएम अध्यक्ष हेमंत सोरेन भी नजर आए. हालांकि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती कांग्रेस के इस समारोह में शामिल नहीं हुए.

गौरतलब है कि कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष दलों ने एकजुटता दिखाने की कोशिश की थी. वहां अखिलेश से लेकर मायावती तक भी विपक्षी दलों के साथ नजर आए थे. इसके बावजूद कई ऐसे मौके आए जब विपक्षी नेताओं ने एक दूसरे पर हमले करते दिखे.

ऐसे में विपक्षी दलों को एक साथ लेकर राहुल गांधी तीन प्रदेशों का दौरा कर रहे हैं. माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह के जरिए राहुल गांधी का विपक्षी दलों को साथ लाने और नरेंद्र मोदी को अपनी सियासी ताकत का एहसास करने के मद्देनजर भी देखा जा सकता है.

Thursday, December 13, 2018

रणवीर ने खोला राज, दीप‍िका के इस गाने को देखकर बदल गया सबकुछ

अभिनेता रणवीर सिंह का कहना है कि उन्हें अपनी पत्नी दीपिका पादुकोण पर गर्व है. उनके अनुसार, दीपिका जो भी करती हैं, उसमें अपना 100 फीसदी देती हैं. रणवीर जल्द ही जी टीवी के 'सा रे गा मा पा' शो में बतौर गेस्ट दिखाई देंगे.

इस एपिसोड की शूटिंग के दौरान रणवीर, ऐश्वर्या पंडित नाम की एक प्रतियोगी की परफॉर्मेस देखकर चकित हो गए. ऐश्वर्या ने 2013 की फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' के गाने 'नगाडा संग ढोल' गाया था. उन्होंने गाने की शूटिंग के दिनों को याद किया.

रणवीर ने कहा, "इस गीत ने मेरी पुरानी यादें याद दिला दी. मैं उससे पहले शायद ही कभी दीपिका से मिला होऊंगा. उस समय आकर्षण तक ही सीमित था. जब मैंने उन्हें (दीपिका) 'नगाडा..' पर परफॉर्म करते देखा, तो चीजें बदल गईं. उसके बाद मैंने कलाकार के रूप में उन्हें और अधिक सम्मान देना शुरू कर दिया." उन्होंने कहा, "मुझे अपनी पत्नी पर बहुत गर्व है, वह जो करती हैं, उसमें अपना 100 प्रतिशत देती हैं. मुझे याद है 2015 में दीपिका ने बैक टू बैक पांच ब्लॉकबस्टर फिल्में दी थी."

बता दें, संजय लीला भंसाली की फिल्म गोल‍ियों की रासलीला: रामलीला में रणवीर-दीप‍िका ने साथ काम किया था. बॉक्स ऑफ‍िस पर ये फिल्म ह‍िट साब‍ित हुई थी.

दीप‍िका-रणवीर की जोड़ी इन द‍िनों फैंस के बीच छाई हुई है. बीते द‍िनों 14 नवंबर को इटली के लेक कोमो में हुई दीपवीर की शादी पूरे देश में चर्चा में बनी रही. शादी में चुन‍िंदा मेहमानों को बुलाया गया था. शादी के बाद दीपवीर ने 3 र‍िसेप्शन पार्टी रखीं. वेड‍िंग पार्टी के बाद रणवीर सिंह काम पर वापस लौट आए हैं. इन द‍िनों रणवीर रोह‍ित शेट्टी के डायरेक्शन में बनकर तैयार फिल्म स‍िम्बा के प्रमोशन में व्यस्त हैं.

बाद में श्रीसंत दीपिका की दी हुई चीजों को वापस करने लगे. दीपिका ये रवैया देखकर हैरान-परेशान हो जाती हैं. वे श्रीसंत से बार-बार पूछती हैं कि वे ऐसा बिहेव क्यों कर रहे हैं? लेकिन एक्ट्रेस को कोई जवाब नहीं मिलता. इसके बाद दीपिका रोते हुए वॉशरूम में चली जाती हैं. फैंस को श्रीसंत को ये बचकाना एटिट्यूड पसंद नहीं आ रहा है. इसके बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने श्रीसंत के दीपिका संग बनाए भाई-बहन के रिश्ते को फर्जी तक बता दिया है.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है. इसमें सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महासचिवों को बुलाया गया है. इस बैठक में जनवरी के दूसरे हफ़्ते में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के एजेंडे को लेकर चर्चा होगी. विधानसभा चुनाव में मिली हार और 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कैसे संगठन को तैयार करना है, स्थानीय मुद्दों पर पार्टी की रणनीति कैसे बनाई जाए इस पर चर्चा होगी.

केंद्र सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर पहुंचाया जाए इस पर भी चर्चा होगी. बीजेपी शासित राज्यों में सरकार और पार्टी के बीच समन्वय को कैसे बेहतर किया जाए इस पर भी जोर दिया जाएगा. बीजेपी शासित राज्यों में रिक्त सरकारी और राजनीतिक पदों पर पार्टी नेताओं की नियुक्तियां जल्द हों, इस पर भी विचार विमर्श किए जाने की संभावना है.

Monday, December 10, 2018

'सुई धागा' ने दिखाई Amazon जैसे मार्केटप्लेस पर ग्लोबल सेलिंग की नई राह

यदि आपने पिछले दिनों रिलीज हुई फिल्म 'सुई धागा' देखी है, तो इसने आपको जरूर चौंकाया होगा। फिल्म में वरुण धवन तथा अनुष्का शर्मा के किरदार मौजी वममता दिखाते हैं कि यदि इरादा पक्का हो तो छोटा व्यवसाई भी अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार में बेच सकता है। भारत के लाखों छोटे और मध्यम स्तर केव्यवसाइयों को भी Amazon जैसी ई—कॉमर्स वेबसाइट्स ने ऐसा ही ग्लोबल मंच दिया है। 

Amazon जैसी आॅनलाइन सामान बेचने वाली वेबसाइट्स ने भारत में एक नई क्रांति का आगाज किया है। भारत का कोई भी व्यवसाई अब अपने उत्पाद देश में हीनहीं बल्कि विदेशों में भी बेच सकता है। एक क्लिक पर Amazon.in पर रजिस्टर करने के बाद वह भारतीय बाजार में अपने उत्पाद आॅनलाइन बेच सकता है।इसके बाद वह अपनी उपस्थिति को देश की सीमाएं तोड़कर और आगे बढ़ा सकता है। वह अपने उत्पाद अमेरिका, यूरोप, जापान और आॅस्ट्रेलिया रीजन के 11मार्केटप्लेस पर बेच सकता है। इसमें उत्तर अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, ब्रिटेन, इटली, स्पेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश शामिल हैं। पहले जहां छोटे व्यवसाइयों केपास अपने उत्पाद बेचने के लिए मंच नहीं था, वहीं Amazon जैसा मार्केटप्लेस आने के बाद उनके लिए पूरा देश और दुनिया ही पसंदीदा बाजार बन गया है।


Amazon.in के आंकड़े बताते हैं कि इस मार्केटप्लेस पर 4 लाख से अधिक आॅनलाइन विक्रेता मौजूद हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 50 फीसदी सेज्यादा विक्रेता छोटे शहरों के हैं। इन विक्रेताओं में बड़ी संख्या में महिला उद्यमी और शिल्पकार व दस्तकार भी शामिल हैं। जो व्यवसायी पंरपरागत तरीके सेआॅफलाइन व्यवसाय करते हैं वे शुरुआत में ई—कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आने में थोड़ा हिचकते हैं, लेकिन उनकी यह हिचक कुछ ही समय में दूर हो जाती है।

'ए लैदर गुड्स' के संचालक अनस कहते हैं कि 2011 से पहले वे जिन फर्मों को अपने उत्पाद बनाकर दे रहे थे वे उनसे उत्पाद खरीदकर उन्हीं को विदेशों मेंअधिक मुनाफे पर बेच रही थी। उन्हें अपने भाई से Amazon.in की जानकारी मिली और वे इससे जुड़ गए। कुछ वर्षों तक भारतीय बाजार में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद पिछले साल उन्होंने Amazon.com के साथ अमरीका में अपने उत्पाद बेचना शुरू किया है और इसका उन्हें बहुत फायदा मिला है। अनस कहते हैं, 'अबमार्केट बहुत ओपेन हो गया है। हम दूसरों के लिए उत्पाद नहीं बना रहे हैं। हमारी दूसरे ट्रेडर्स पर डिपेंडेंसी कम हो गई है।'

अनस बताते हैं कि वे Amazon से इसलिए जुड़े क्योंकि यह एक भरोसेमंद मार्केटप्लेस है। अनस की कंपनी ने 2 प्रॉडक्ट्स के साथ बिजनेस शुरू किया और आज उनके 70 से अधिक प्रॉडक्ट मार्केटप्लेस पर मौजूद हैं। वे बताते हैं कि Amazon का सपोर्ट और लॉजिस्टिक पार्टनर बहुत अच्छे हैं। कोई भी नया व्यवसायी यहां अपना बिजनेस आसानी से शुरू कर सकता है।

Wednesday, December 5, 2018

केदारनाथ के खिलाफ HC में याचिका, मूवी को बताया 'भद्दा धब्बा'

सारा अली खान और सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म केदारनाथ 7 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है. लेकिन इससे पहले फिल्म कोर्ट-कचहरी के चक्कर में फंस गई है. ये सारा की डेब्यू फिल्म है. मंगलवार को निर्देशक अभिषेक कपूर की फिल्म के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिक दायर की गई.

याचिका में फिल्म पर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है. PIL स्वामी दर्शन भारती ने दायर कराई है. उनका  कहना है कि मूवी हिंदुओं के पवित्र धाम पर एक ''धब्बा'' है.

जनहित याचिका में ये भी आरोप है कि फिल्म के माध्यम से भगवान केदारनाथ का अपमान किया जा रहा है. PIL में दावा है कि मूवी के ट्रेलर में दिखाया गया है कि केदारनाथ घाटी में सदियों से मुस्लिम लोग रह रहे हैं. लेकिन असल में वहां मुस्लिम समुदाय का कोई भी निवासी नहीं है.

लव जेहाद के आरोप पर सारा का करारा जवाब

इससे पहले मूवी पर लव जेहाद का भी आरोप लग चुका है. हाल ही में प्रमोशन के दौरान सारा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था, ''यह वाकई इस तरह की फिल्म नहीं है. इसमें तो यह दिखाया गया है कि किस तरह केदारनाथ की दुनिया, जितनी मुक्कू (सारा का किरदार) की है, उतनी ही मंसूर (सुशांत का किरदार) की भी है. मैं इस तरह से बांटने की मंशा को नहीं समझ पा रही, मैं नस्लवाद और लिंगभेद को भी नहीं समझती, जो दुनियाभर में है.''

सारा ने कहा- ''मेरे सोचने का तरीका मेरी एजुकेशन और जिंदगी के अनुभवों से बनता है और कोई चीज प्रभावित नहीं करती. हमारी फिल्म लव जिहाद की मानसिकता को बिल्कुल भी प्रमोट नहीं करती है. ये दुनिया को देखने का एक अलग नजरिया दिखाती है.''

केदारनाथ के पुजारियों की आपत्ति

फिल्म पर मंदिर के पुजारी अपनी आपत्त‍ि दर्ज करा चुके हैं. केदारनाथ में पुजारियों की एक ऑर्गनाइजेशन केदार सभा के चेयरमैन विनोद शुक्ला ने कहा था, "यदि फिल्म बैन नहीं हुई तो हम आंदोलन कर देंगे, क्योंकि हमें बताया गया है कि यह लव जिहाद को बढ़ावा देती है और इससे हिंदू भावनाएं आहत होती हैं." फिल्म में साल 2013 में आई केदारनाथ आपदा पर आधारित एक प्रेम कहानी को दिखाया गया है.